Breaking News
Hathras;संदिग्ध परिस्थिति में ई-रिक्शा पर मिला दिव्यांग का शव, फैली सनसनी Hathras; सासनी में अपराध और हादसों का सिलसिला, तीन दिन में चार मामले दर्ज पिता-पुत्र की मौत के मामले में ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट, कार चोरी और मारपीट की घटनाएं भी आईं सामने Hathras;जगदीश कुशवाहा बने जन अधिकार पार्टी के नए जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष से की शिष्टाचार मुलाकात Hathras;अनियंत्रित बाइक फिसलने से युवक घायल, हायर सेंटर रेफर Hathras;पालिका अध्यक्ष के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार बहाल होने पर व्यापारियों ने किया स्वागतढोल-नगाड़ों के बीच फूलमालाएं पहनाकर किया सम्मान, शहर के विकास और सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग
Black Blue and Neon Pink Modern Tech Electronics and Technology X-Frame Banner
previous arrow
next arrow

Hathras;16 अक्टूबर को भव्य मंदिर में विराजमान होंगी मां कात्यायनीनवरात्रि के प्रथम दिन से प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अनुष्ठान शुरू, करीब 200 वर्ष पुरानी है प्रकट स्थली की मान्यता

1 44

UP/Hathras; देवेंद्र सिंह तोमर चरण सेवक श्री कात्यायनी देवी मंदिरहाथरस। अलीगढ़-आगरा बाईपास स्थित बांके बिहारी एन्क्लेव में मां कात्यायनी देवी का नव्य एवं भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है। 16 अक्टूबर को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ मंदिर में मां की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। महामंडलेश्वर रुद्रदेवानंद महाराज के सानिध्य में शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से ही प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। यज्ञ-आहुतियों और मां के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना हुआ है।मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, यज्ञ और वैदिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। श्रद्धालु यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना कर रहे हैं। नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी को उनके नवनिर्मित मंदिर में विराजमान कराया जाएगा।मंदिर के चरण सेवक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला गौसेवा प्रमुख देवेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि इस स्थान पर करीब 200 वर्ष पूर्व मां कात्यायनी खेत में प्रकट हुई थीं। उस समय यहां दीवारनुमा छोटा मंदिर था, जहां ग्रामीण पूजा-अर्चना करते थे। समय के साथ जोगिया गांव सहित आसपास और दूरदराज के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का आना बढ़ता गया। ग्रामीणों और बुजुर्गों से मिली प्रेरणा तथा मां के प्रति आस्था के चलते भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया है।16 अक्टूबर को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। मंदिर के माध्यम से करीब दो शताब्दियों से चली आ रही धार्मिक परंपरा को नया स्वरूप मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *