शिकायती पत्र के साथ शिकायतकर्ता राजीव वार्ष्णेय
up/Hathras। अलीगढ़ रोड स्थित औद्योगिक आस्थान के भूखण्ड संख्या सी-20 व 21 पर कथित अवैध आवासीय निर्माण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस संबंध में शिकायतकर्ता राजीव वार्ष्णेय ने उप लोकायुक्त, उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी हाथरस को साक्ष्यों सहित विस्तृत शिकायत भेजकर 12 नवंबर 2024 को एसडीएम सदर (विनियमित क्षेत्र) द्वारा पारित ध्वस्तीकरण आदेश का अनुपालन कराने की मांग की है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व उपायुक्त उद्योग अजलेश कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग कर न्यायिक आदेश के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न की। वहीं वर्तमान उपायुक्त उद्योग रामेन्द्र कुमार से अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त कराने तथा मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है।शिकायतकर्ता के अनुसार, इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका संख्या 22450/2024 के अनुपालन में एसडीएम सदर ने 12 नवंबर 2024 को भूखण्ड सी-20 व 21 पर बने अवैध आवासीय निर्माण को हटाने का आदेश पारित किया था। इसके बावजूद अब तक आदेश का अनुपालन नहीं होने का आरोप लगाया गया है।शिकायत में 14 किलोवाट के घरेलू विद्युत कनेक्शन को आवासीय उपयोग का साक्ष्य बताया गया है। विद्युत कनेक्शन खाता संख्या 2192241000 दिनांक 25 मई 2005 से संचालित होने का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इस तथ्य को एसडीएम न्यायालय के आदेश में भी स्वीकार किया गया है। वहीं उपायुक्त उद्योग कार्यालय ने आरटीआई के जवाब में 22 दिसंबर 2023 को स्पष्ट किया था कि औद्योगिक आस्थान में मजदूरों के निवास के लिए भी भूखण्ड आवंटित नहीं किए जाते हैं।इसके अलावा उपायुक्त राज्य कर, खण्ड-2 के 30 अक्टूबर 2025 के पत्र का हवाला देते हुए शिकायत में कहा गया है कि मौके पर संचालित दिखाई गई फर्म पिंकी रबड़ उद्योग प्राइवेट लिमिटेड का जीएसटी पंजीकरण एक जनवरी 2022 से निरस्त है। ऐसे में फैक्ट्री संचालन का दावा कर आवासीय निर्माण को संरक्षण देने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है।राजीव वार्ष्णेय ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व उपायुक्त उद्योग ने ध्वस्तीकरण आदेश के क्रियान्वयन को प्रभावित करने के लिए जिला उद्योग बंधु की बैठक का अनुचित उपयोग किया, जबकि समिति को किसी न्यायिक आदेश पर रोक लगाने अथवा उसकी समीक्षा करने का अधिकार नहीं है। विभागीय पत्राचार में संबंधित लोगों के परिवार सहित वहां रहने का उल्लेख भी शिकायत का आधार बनाया गया है।शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी और उप लोकायुक्त से पूरे प्रकरण की जांच कराने, वर्तमान उपायुक्त उद्योग को एसडीएम के आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा कथित अवैध निर्माण को संरक्षण देने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं विधिक कार्रवाई करने की मांग की है।














