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भागवत श्रवण से मनुष्य के जीवन में प्रेम, शांति और सदाचार का संचार होता है: उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी

हाथरस। आगरा रोड स्थित शिव कॉलोनी के राधा विद्या मंदिर परिसर में श्री निकुंज बिहारी राधा माधव की असीम अनुकंपा से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा का वाचन वैष्णवाचार्य परम पूज्य उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी महाराज के मुखारविंद से किया जा रहा है। कथा परीक्षित एवं संयोजक की भूमिका महेश तिवारी एवं रजनी वाला द्वारा निभाई जा रही है।
कथा के दौरान कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं कासगंज कोऑर्डिनेटर चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का रसपान किया तथा भागवताचार्य उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी महाराज को पीत वस्त्र उड़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान कार्यक्रम में पंडित अविनाश चंद्र पचौरी, पंडित जयशंकर पाराशर, कपिल नरूला आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कथा की व्यवस्थाएं श्री कृष्णा गौतम द्वारा संभाली जा रही हैं।
इस अवसर पर भागवताचार्य उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मानव जीवन को सत्य, सेवा, संस्कार और सदाचार की ओर प्रेरित करने वाला दिव्य ज्ञान यज्ञ है। उन्होंने कहा कि जब-जब समाज में नैतिक मूल्यों का पतन होता है तब भगवान की कथाएं मनुष्य को धर्म और मानवता का मार्ग दिखाती हैं। भागवत श्रवण से मन की अशांति समाप्त होती है तथा व्यक्ति के जीवन में प्रेम, करुणा और भक्ति का संचार होता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जुड़ने का आह्वान किया। वहीं चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की जीवंत धरोहर है। वर्तमान समय में समाज को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक संस्कार और आपसी सद्भाव की सबसे अधिक आवश्यकता है, जिसका संदेश भागवत कथा देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराते हैं। उन्होंने कथा आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि धर्म और संस्कृति के संरक्षण हेतु इस प्रकार के आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। कथा श्रवण करने वालों में नित्यानंद शर्मा, केडी शर्मा, हरिश्चंद्र, विनोद शुक्ला, गंगासहाय उपाध्याय, शशि शर्मा, बलबीर सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु कथा का आनंद ले रहे हैं।

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