
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि भाजपा नेताओं ने उनकी पार्टी के एक प्रत्याशी को बरगलाने, धमकाने, समझाने और दबाव डालकर नामांकन वापस कराने की कोशिश की है। पीके ने इस कथित मुलाकात की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सीधा हमला है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। भाजपा की ओर से इस आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।




