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Hathras; डॉ. राधाकृष्णन को नमन कर माता पिता को बताया असली शिक्षक : पंडित विशाल शर्मा

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UP/ Hathras। अखिल भारतीय युवा महासभा की बैठक जनपद के जिला कार्यालय वसुंधरा पुरम मे आहूत की गई। जिसकी अध्यक्षता अखिल भारतीय युवा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित विशाल शर्मा ने की जिसका संचालन पंडित राज दीक्षित ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय युवा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित विशाल शर्मा ने देश के पूर्व राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा की इस दौरान उन्होंने युवाओं और समाज के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश साझा किया और एक प्रमुख जनहित मुद्दे को लेकर शासन/प्रशासन को पत्र भी लिखा।डॉ. राधाकृष्णन के विचारों को याद करते हुए युवा पदाधिकारी आपका नाम] ने कहा “ज्ञान हमें शक्ति देता है, लेकिन प्रेम और चरित्र हमें सम्मान दिलाता है। आज के युवाओं को डॉ. राधाकृष्णन के इन विचारों को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है।”इस अवसर पर एक बेहद मर्मस्पर्शी बात रखते हुए उन्होंने कहा, “स्कूल और कॉलेज के शिक्षक तो हमें किताबी ज्ञान देते हैं, लेकिन हमारे जीवन के सबसे बड़े और पहले शिक्षक हमारे माता-पिता होते हैं। माता-पिता ही हमें संस्कार, सही-गलत की पहचान और समाज में जीने का सलीका सिखाते हैं। इसलिए आज का दिन माता-पिता के चरणों में वंदन करने का भी दिन है। वही प्रदेश अध्यक्ष विशाल शर्मा ने “आज का युवा सिर्फ समाज का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है। हमारा उद्देश्य युवाओं को सही दिशा देना, उनके अधिकारों के लिए लड़ना और समाज को हर क्षेत्र में आगे ले जाना है।” उन्होंने आगे कहा कि संगठन लगातार युवाओं के रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करता रहेगा। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष ने अवगत कराया की जिले में शिक्षकों की भूमिका केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि वे बच्चों की कमजोरियों को समझने, उनकी प्रतिभा को निखारने और मुश्किल समय में उनका सहारा बनने का भी कार्य कर रहे हैं। जिले के विभिन्न स्कूलों में ऐसे शिक्षकों की पहल सामने आई है, जिन्होंने विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। शिक्षक की भूमिका सिर्फ किताबों का पाठ पढ़ाने तक सीमित नहीं है। सही मायने में शिक्षक वह है, जो बच्चे की कमजोरी को समझे, उसकी प्रतिभा को पहचाने और जरूरत पड़ने पर मुश्किल समय में उसका हाथ थामे। जिले के अलग-अलग स्कूलों में ऐसे शिक्षकों की पहल सामने आई है, जिन्होंने विद्यार्थियों की जिंदगी में बदलाव लाने का काम किया। किसी ने पढ़ाई में पिछड़ रहे बच्चों के लिए अतिरिक्त समय निकाला तो किसी ने कक्षा में शांत रहने वाली छात्रा के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे मंच तक पहुंचाया। एक शिक्षक ने आर्थिक परेशानी से जूझ रहे छात्रों को स्कूल छोड़ने से बचाया तो दूसरे ने मैदान में छिपे खिलाड़ी को पहचानकर प्रतियोगिताओं तक पहुंचाया। बैठक मे मुख्य रूप से आनंद उपाध्याय, सतीश सैनी, ऋषभ पंडित, निशांत पंडित, प्रशांत पंडित, मोनू पंडित, संजय यादव, आदि दर्जनों की संख्या मे युवा महासभा के पदाधिकारी मौजूद थे।

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