UP/HATHRAS। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश सचिव शरद उपाध्याय नंदा ने हाथरस प्रशासन पर भू-माफियाओं को कथित संरक्षण देने का आरोप लगाया है। शरद उपाध्याय का कहना है कि आरटीआई कार्यकर्ता एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रेस नोट, समाचार पत्रों की खबरों और सोशल मीडिया पर साझा दस्तावेजों के आधार पर सामने आए मामलों में भी संबंधित विभागों ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।शरद उपाध्याय के मुताबिक, औद्योगिक आस्थान में अवैध निर्माण के संबंध में एसडीएम सदर ने 12 नवंबर 2024 को ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया था, लेकिन उनके आरोप के अनुसार अब तक उस आदेश का प्रभावी अनुपालन नहीं कराया गया। उन्होंने इसी आधार पर एसडीएम सदर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उन्होंने प्लॉट B-9 व B-10 पर कथित अवैध निर्माण और फैक्ट्रियों के संचालन का आरोप लगाते हुए उपायुक्त उद्योग की भूमिका की जांच की मांग भी की है।लोक निर्माण विभाग भूमि पर कब्जे का आरोप भी शरद उपाध्याय ने लगाया है। उनके अनुसार राजीव वार्ष्णेय द्वारा सामने रखे गए दस्तावेजों में श्रीजी फार्म हाउस द्वारा लोक निर्माण विभाग की भूमि पर करीब 10 फीट तक कथित कब्जे का मामला उठाया गया है। शरद उपाध्याय का यह भी आरोप है कि फार्म हाउस के ऊपर से 33 KVA हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, जिससे वहां होने वाले आयोजनों के दौरान जनसुरक्षा को खतरा हो सकता है। उन्होंने इस मामले में लोक निर्माण विभाग और संबंधित विद्युत विभाग से जांच व कार्रवाई की मांग की है।बीमा और कर संबंधी आरोपों के स्रोत के तौर पर भी शरद उपाध्याय ने राजीव वार्ष्णेय द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों का हवाला दिया है। उनका आरोप है कि कुछ फर्मों में कथित फर्जी आईटीसी और दोहरे बही-खातों के जरिए कर अनियमितताएं की गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कथित आगजनी की घटनाओं के आधार पर न्यू इंडिया इंश्योरेंस से बीमा क्लेम हासिल किए गए। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए उन्होंने जीएसटी विभाग और बीमा कंपनी की भूमिका की भी जांच की मांग की है।शरद उपाध्याय ने स्पष्ट कहा कि उपरोक्त सभी मामले उनके द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इनके संबंध में राजीव वार्ष्णेय द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को वे जांच का आधार मानते हैं। उन्होंने प्रशासन से ध्वस्तीकरण आदेश, कथित कब्जे, औद्योगिक भूखंडों के निर्माण, हाईटेंशन लाइन के नीचे संचालन तथा कथित कर और बीमा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच और कार्रवाई शीघ्र नहीं हुई तो वह व्यापक जनआंदोलन करेंगे तथा उपलब्ध दस्तावेजों को कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व के समक्ष भी रखेंगे।
हाथरस; ध्वस्तीकरण आदेश बेअसर, प्रशासन पर भू-माफिया संरक्षण के आरोप














