UP/ हाथरस। काका हाथरसी स्मारक भवन में ब्रज कला केंद्र, राष्ट्रीय कवि संगम और संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में पांचवें वंदेमातरम कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शालिनी पाठक की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में शुरुआत काव्य मंच के दिवंगत सशक्त हस्ताक्षरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। डॉ. टीएन विमल, प्रो. वी.डी. गुप्ता, सेठ रामकिशन गर्ग, मास्टर श्यामसुंदर शर्मा, रामकिशन अग्रवाल, डॉ. जगदीश लवानिया, गुलशन खांडे और प्रहलाद गुरु के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया। आशु कवि अनिल बौहरे ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।इसके बाद पदम अलबेला, हरेंद्र शर्मा, शालिनी पाठक, सीमा अग्रवाल, इंद्रा जायसवाल, डॉ. प्रतिभा भारद्वाज और योगिता वार्ष्णेय को सम्मानित किया गया। सम्मान के बाद पदम अलबेला, मीरा दीक्षित, भूदेव प्रसाद देव, गाफिल स्वामी, धुआंधार, प्रदीप अंजाना, जीवनलाल शर्मा और दिनेश अग्निहोत्री ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। भक्ति, वीर, हास्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कविताओं पर श्रोताओं ने तालियां बजाकर कवियों का उत्साह बढ़ाया।इसी दौरान कार्यक्रम का संचालन कर रहे ऋषि कुमार वार्ष्णेय को राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक अध्यक्ष और काव्य गुरु जगदीश मित्तल के निधन की सूचना मिली। सूचना मिलते ही कार्यक्रम रोक दिया गया। उपस्थित कवियों और साहित्यकारों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत जगदीश मित्तल को श्रद्धांजलि अर्पित की और सम्मेलन को बीच में ही समाप्त कर दिया।कार्यक्रम में ब्रज कला केंद्र के महामंत्री सुरेश अग्रवाल, संयोजक डॉ. सुनीता उपाध्याय, सचित गर्ग, डॉ. दिनेश कुमार शर्मा, योगिता वार्ष्णेय एडवोकेट, डॉ. यशोदिका वार्ष्णेय, चंद्रशेखर विमल, श्यामसुंदर शर्मा बंटी, सीमा अग्रवाल, ब्रजेश वशिष्ठ, संजय फौजी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। व्यवस्था में लक्ष्मण सिंह, सूरजपाल और राधा कर्ण ने सहयोग किया। छठा वंदेमातरम कवि सम्मेलन 6 सितंबर को आयोजित किए जाने की घोषणा की गई।
Hathras; जगदीश मित्तल के निधन की सूचना से बीच में थमा वंदेमातरम कवि सम्मेलन














