भारत में ईरानी सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने खाड़ी देशों को निशाना बनाए जाने को ईरान की मजबूरी बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम ईरान की आत्मरक्षा के तहत उठाया गया, ताकि अमेरिका समर्थित ठिकानों से संभावित हमलों को रोका जा सके। इलाही ने स्पष्ट किया कि भले ही ईरान ने युद्ध की शुरुआत नहीं की, लेकिन अपनी गरिमा और राष्ट्रीय भूमि की रक्षा के लिए सबकुछ कुर्बान करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकना ईरान के लिए कभी विकल्प नहीं रहा। यदि जरूरत पड़ी तो ईरान पांच साल तक युद्ध लड़ने को भी तैयार है।


