सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि जानवरों के प्रति प्रेम के बावजूद यह व्यक्ति का विवेक है कि वह अपने घर में कोई जानवर रखे या नहीं। अदालत ने यह भी कहा कि गेटेड कम्युनिटी में कुत्तों को छोड़ने या रखने का फैसला समुदाय द्वारा लिया जाना चाहिए। अदालत ने मतदान के माध्यम से निर्णय लेने का सुझाव दिया और कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखना जरूरी है। वकील वंदना जैन ने कहा कि 6.2 करोड़ कुत्तों की आबादी नियंत्रण से बाहर हो रही है। अदालत ने कहा कि अगले सुनवाई में मानवता पर वीडियो भी दिखाया जाएगा।




