उत्तर प्रदेश की शिक्षक और स्नातक सीटों पर होने वाले विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी चयन के साथ सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान में रखा है। 11 सीटों के लिए पार्टी ने ब्राह्मण, ओबीसी, राजपूत और वैश्य वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया है। इन सीटों पर मतदान 23 अक्टूबर को होना है। पार्टी के प्रत्याशी चयन में ब्राह्मण चेहरों को भी प्रमुखता मिली है। इसे शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। ये मतदाता सीधे शिक्षा और उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े हैं, इसलिए यूजीसी से जुड़े मुद्दे भी इस चुनाव में चर्चा का विषय बन सकते हैं। भाजपा ने सामाजिक संतुलन के तहत अन्य पिछड़े वर्ग और राजपूत समेत दूसरे वर्गों को भी प्रतिनिधित्व दिया है। पार्टी ने पांच सीटों पर पहले घोषित उम्मीदवारों को दोबारा मौका दिया था, जबकि मंगलवार को बाकी छह सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई। पार्टी ने इन सीटों के लिए बूथ स्तर तक संपर्क और शिक्षक- स्नातक मतदाताओं के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर दिया है।
UP;शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में भाजपा का सामाजिक संतुलन, पांच ब्राह्मण चेहरों पर जोर














