सरकार द्वारा ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया के निजीकरण को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी
हाथरस / एसडीएम नीरज शर्मा को ज्ञापन देते अधिवक्तागणहाथरस। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया के निजीकरण और निजी संस्थाओं को ठेका दिए जाने के आदेश के विरोध में सासनी की दि बार एसोसिएशन ने अपनी नाराजगी दिखाते हुए एसडीएम नीरज शर्मा को ज्ञापन सौंपा। जिसमें वकीलों ने सरकार के इस आदेश को जनविरोधी बताया है।
दि बार एसोसिएशन अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह ने ज्ञापन में कहा कि वर्तमान में रजिस्ट्री प्रक्रिया सरकारी तंत्र द्वारा पूरी की जा रही है, लेकिन निजीकरण से आमजन को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस कदम से अधिवक्ता, लेखपाल, स्टाम्प वेंडर, टाइपिस्ट और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, रजिस्ट्री प्रक्रिया और जटिल हो जाएगी, तथा बेरोजगारी में वृद्धि होगी। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि निजीकरण का यह आदेश वापस नहीं लिया गया, तो सासनी तहसील परिसर के अधिवक्ता संघ आंदोलन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। बार एसोसिएशन ने मांग की है कि इस ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाए। ज्ञापन देने वालों में प्रशांत पाठक, हरि जिज्ञासु, कृष्ण सिंह, संतोष सिंह, योगेश शर्मा, राजेश शर्मा, महेश गौतम, प्यारेलाल शर्मा, भरत सिंह बघेल, अरविंद गुप्ता, संदीप सिंह, राजवीर सिंह, गौरीशंकर गौतम सिंह, सुनील पाठक, संतोष शर्मा, सनत एडवोकेट, राजकुमार, अजयवीर सिंह, अनिल गुप्ता, ललित उपाध्याय, सुशील कुमार, अर्पित गौतम सहित तमाम अधिवक्ता उपस्थित थे।














