सासनी/हाथरस। ग्राम नगला फतेला के लिए यह अत्यंत गर्व और खुशी का अवसर है कि गांव के होनहार छात्र डॉ. मनीष कुशवाहा ने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS), लखनऊ से MBBS की डिग्री सफलतापूर्वक प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है तथा परिजन, मित्र, शिक्षक एवं शुभचिंतक उन्हें लगातार बधाइयां दे रहे हैं।
डॉ. मनीष कुशवाहा ने वर्ष 2020 में आयोजित NEET-UG परीक्षा में 720 में से 642 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 5507 हासिल की थी। देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं में से एक NEET में यह उपलब्धि प्राप्त करना उनके कठिन परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प का परिणाम था। इसी सफलता के आधार पर उनका चयन डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में MBBS पाठ्यक्रम हेतु हुआ।
डॉ. मनीष की सफलता की कहानी संघर्ष, समर्पण और निरंतर प्रयासों से भरी हुई है। उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने का सफर बिल्कुल आसान नहीं था। इस यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों के अटूट सहयोग ने उन्हें हर कठिन परिस्थिति से लड़ने की शक्ति प्रदान की। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का सबसे बड़ा श्रेय अपने आदरणीय चाचा डॉ. अमित कुशवाहा को दिया। डॉ. मनीष के अनुसार उनकी शिक्षा की मजबूत नींव रखने में चाचा का योगदान अमूल्य है। बचपन से ही उन्होंने उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया और हर कदम पर मार्गदर्शन किया। बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से उन्होंने उन्हें अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में प्रवेश दिलाया तथा शिक्षा के प्रति हमेशा प्रेरित किया।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के समय जब प्रतियोगिता अत्यंत कठिन थी, तब डॉ. अमित कुशवाहा ने उन्हें कोटा भेजकर उनके सपनों को नई दिशा और नई उड़ान दी। तैयारी के दौरान जब कभी अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं मिले या अंक कम आए, तब भी उन्होंने कभी दबाव नहीं बनाया। इसके विपरीत उन्होंने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया, आत्मविश्वास जगाया और आगे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई के लिए आवश्यक पुस्तकों, कोचिंग, संसाधनों और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी उन्होंने समय पर सुनिश्चित की। डॉ. मनीष ने अपने पिता श्री दलवीर सिंह कुशवाहा और माता श्रीमती ममतेश कुशवाहा के प्रति भी गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता ने अपने त्याग, प्रेम और समर्पण से उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हर परिस्थिति में उनका साथ दिया और कभी भी किसी कमी का एहसास नहीं होने दिया। माता-पिता का विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा।
उन्होंने अपने सभी शिक्षकों के प्रति भी सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों द्वारा दिए गए ज्ञान, अनुशासन और मार्गदर्शन ने उन्हें इस योग्य बनाया कि वे चिकित्सा जैसे सम्मानित और जिम्मेदार पेशे में प्रवेश कर सकें। विद्यालय से लेकर मेडिकल कॉलेज तक प्रत्येक शिक्षक का योगदान उनकी सफलता में महत्वपूर्ण रहा है।
डॉ. मनीष ने विशेष रूप से अपने छोटे भाई विकास कुशवाहा का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि छोटा होने के बावजूद विकास ने हमेशा बड़े भाई की तरह उनका साथ दिया। कठिन समय में उसका सहयोग, प्रोत्साहन और स्नेह उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। परिवार के प्रत्येक सदस्य ने उनकी सफलता के लिए अपने स्तर पर योगदान दिया है।
MBBS की डिग्री प्राप्त करने के बाद डॉ. मनीष ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि उनके पूरे परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों की मेहनत, विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार का सहयोग, गुरुओं का मार्गदर्शन और बड़ों का आशीर्वाद न मिलता तो इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था।
उन्होंने अपनी सफलता को गांव और क्षेत्र के उन युवाओं को समर्पित किया जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं। उनका मानना है कि निरंतर मेहनत, सही दिशा में प्रयास और परिवार का सहयोग मिलने पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
डॉ. मनीष कुशवाहा की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों, शिक्षकों, मित्रों और ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। सभी ने आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में एक कुशल, संवेदनशील और समर्पित चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे तथा अपने क्षेत्र और परिवार का नाम इसी प्रकार रोशन करते रहेंगे।
डॉ. मनीष कुशवाहा की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा और गौरव का विषय बन गई है।
नीट की सफलता से एम.बी.बी.एस डिग्री तक, डॉ. मनीष कुशवाहा ने लिखी प्रेरणा की नई कहानी














