प्रधानमंत्री ने ऐलान किया है कि भारत स्वदेशी जहाज निर्माण कार्यक्रम के तहत अगले वर्षों में लगभग 70,000 करोड़ रुपये खर्च करेगा। यह निर्णय पश्चिम एशिया संकट और समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य देश की समुद्री रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में भारत की रणनीतिक उपस्थिति बढ़ाना है। कार्यक्रम के तहत आधुनिक तकनीक और घरेलू संसाधनों का उपयोग कर नए जहाजों का निर्माण किया जाएगा। सरकार ने कहा कि इस निवेश से स्थानीय नौकरियों और उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी, साथ ही देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।














