Black Blue and Neon Pink Modern Tech Electronics and Technology X-Frame Banner
previous arrow
next arrow

विद्युत सुधार गोष्ठि कर बेहतर उपभोक्ता सेवा एवं विद्युत व्यवस्था सुधार पर की चर्चा’निजीकरण नहीं सुधार कार्यक्रमों की है जरूरत

हाथरस /सासनी-24 फरवरी। विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन शाखा के पदाधिकारियों ने विद्युत सुधार गोष्ठी का आयोजन संगठन कार्यालय ओढ़पुरा में किया। जिसमें बेहतर उपभोक्ता एवं विद्युत व्यवस्था सुधार पर चर्चा की।
सोमवार को आहूत गोष्ठी का शुभांरभ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद इं. सुरेन्द्र सिंह, अध्यक्ष- आरवीपीजेईएस डीवीवीएनएल डिस्कॉम मुख्य अतिथि, द्वारा संयुक्त रूप से बाबा साहब के छबिचित्र के सामने दीप जलाकर एवं पुष्पहार अर्पित कर किया। कार्यक्रम में मौजूद जनपद हाथरस के सभी अवर प्रोन्नत अभियंताओं ने विद्युत व्यवस्था सुधार ओर बेहतर उपभोक्ता सेवा के संबंध में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। इं. सुरेन्द्र सिंह, डिस्काम अध्यक्ष आगरा (आरवीपी जेईएस) जी ने कहा कि सभी अवर और प्रोन्नत अभियंता उपभोक्ताओं से बेहतर संवाद बनाकर उनकी समस्याओं को यथासंभव निस्तारण कराने को प्रयासरत रहें। पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल के निजीकरण होने के बाद उत्तर प्रदेश के गरीब, किसान भाइयों को महंगी दरों पर विद्युत आपूर्ति की जाएगी। जैसे कि महाराष्ट्र उड़ीसा गुजरात अन्य प्रदेशों में जहां पर निजीकरण पूर्व में किया जा चुका है। इन जगहों पर महंगी दरों पर उपभोक्ताओं को विद्युत दी जा रही है। विभाग में सुधार कार्यक्रमों के द्वारा स्थितियां बदली जा सकती हैं। कॉरपोरेशन में केस्को का प्रदर्शन इसका जीता जागता उदाहरण है। संगठन सचिव इं. अजय कुमार, ने कहा कि यही वो कार्मिक हैं जो कोविड जैसी महासंकट के समय दिन रात कार्य करके बिजली व्यवस्था बनाए हुए थे। ताकि लॉकडाउन के दैरान भी अस्पतालों और उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति होती रहे। अवर अभियंता दिन रात लगातार कार्य करते हैं, संसाधन और मटेरियल की भारी कमी के बाद भी लगातार विद्युत आपूर्ति बनाए रखने का कार्य करते हैं। प्रबंधन को जमीनी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संगठन के सुझावों पर ध्यान देना चाहिए जिससे बेहतर उपभोक्ता सेवा को चरितार्थ किया जा सके। उन्होंने कहा कि संगठन का मानना है कि विभाग में नई तकनीकों का अधिकतम प्रयोग करके कार्य दक्षता एवं पारदर्शिता को बढ़ाया जाए साथ ही हर स्तर पर कार्य की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। संगठन ऊर्जा क्षेत्र की बेहतरी, उत्कृष्ट उपभोक्ता सेवा एवं सस्टेनेबल वित्तीय स्थिति के लिए विभाग में चलाए जा रहे सुधार कार्यक्रमो में पूर्ण सहयोग के लिए संकल्पित है। परंतु रिफॉर्म के नाम पर निजीकरण की कार्यवाही न तो जूनियर इंजीनियर और न ही विद्युत उपभोक्ताओंध्आम जनमानस के हित में है, जिसी किसी भी स्थिती में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभा की अध्यक्षता कर रहे इं. देवकीनंदन, मण्डल अध्यक्ष हाथरस ने कहा कि किसी भी प्रदेश में निजीकरण होने के बाद किसी प्रकार का कोई आमूल चूल परिवर्तन नहीं किया गया जो व्यवस्थाएं सरकारी कंपनियां चल रही थी वही व्यवस्थाएं अभी चल रही है, उससे भी दर से बदतर हालत हो गए हैं। अंत में सभी अतिथियों एवं सुधार गोष्ठि में उपस्थित हुए अवर एवं प्रोन्नत अभियंताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आगे भी इस प्रकार के विद्युत व्यवस्था सुधार के कार्यक्रमों को संचालित करने का संकल्प लिया। गोष्ठी का सफल संचालन इं. अमित कुमार गुप्ता ने किया। इस दौरान सहायक अभियंता इं संदीप कुमार, इं आशीष रत्न, इं राजेश कुमार, अवर अभियंता इं पुष्पेन्द्र सिंह विमल, इं राहुल कुमार, इं कमल सिंह, इं तौहशीष कुशवाहा, इं देवेन्द्र सिंह, इं ललित यादव, इं चरन सिंह, इं जितेन्द्र कुमार, इं दुष्यंत कुमार पंकज कुमार आदि सदस्य मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *