वर्ष 2008 में कोर्ट परिसर में दिन-दहाड़े हुई थी पांच हत्याएं
बम कांड में एक साइकिल स्टैंड कर्मी सहित दो लोगों की हो चुकी है मौत
जिला न्यायालय पर करीब आधा दर्जन से अधिक गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं
अलीगढ़ कोर्ट में बम की सूचना पर अधिवक्ताओं ने जताई चिंता
जिला कोर्ट हाथरस पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन से की जाएगी सुरक्षा की मांग
अलीगढ़ के अधिवक्ताओं से फोन पर संपर्क कर हाथरस के वकीलों ने जानकारी ली
हाथरस। अलीगढ़ कोर्ट में बम की सूचना मिलने पर जिला एवं सत्र न्यायालय हाथरस पर भी मामला अफरा-तफरी का बन गया। ज्यादातर अधिवक्ताओं ने अलीगढ़ के अपने संपर्की अधिवक्ताओं से फोन पर कुशल-क्षेम पूछा, जबकि पुलिस प्रशासन से जिला न्यायालय में सुरक्षा के कड़े इंतजामों की मांग की। जिला एवं सत्र न्यायालय अलीगढ़ में जैसे ही बम की सूचना मिली, माहौल अफरा-तफरी का बन गया और पुलिस प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कोर्ट परिसर को खाली करा दिया। यह जानकारी जब हाथरस कोर्ट के अधिवक्ताओं को हुई तो सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर वहां भी तनाव देखा गया। हाथरस के अधिवक्ताओं ने मोबाइल के माध्यम से अलीगढ़ के साथी अधिवक्ताओं से स्थिति की जानकारी ली और पुलिस-प्रशासन से जिला एवं सत्र न्यायालय हाथरस में सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की। बताया जाता है कि जिला एवं सत्र न्यायालय हाथरस में 21 फरवरी 2008 को दिन-दहाड़े पांच हत्याएं हुई थीं। उससे पहले हुए बम कांड में एक साइकिल स्टैंड कर्मी सहित दो लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा, हाथरस कोर्ट में पूर्व में करीब आधा दर्जन से अधिक गंभीर घटनाएं और सुरक्षा व्यवस्था में चूक के कारण छोटी-मोटी करीब दो दर्जन घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इनमें एक बार एक आरोपी पर हमला करने के लिए आए व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़ लिया गया था। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय अलीगढ़ पर बम की सूचना के बाद मची अफरा-तफरी और हाथरस कोर्ट में हुई पिछली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अधिवक्ताओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की। चिंता व्यक्त करने वाले अधिवक्ताओं में नवदीप पाठक, राजेश दीक्षित, दिनेश बंसल, दिनेश देशमुख, केसी निराला, राजपाल सिंह दिशवार, रमेश चंद्र वर्मा, रजत शर्मा, प्रदीप शर्मा, वतन सिंह, साहब सिंह, संजय दीक्षित आदि शामिल थे। अधिवक्ताओं का कहना है, सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर हम काफी चिंतित हैं। पहले भी पुलिस-प्रशासन को ज्ञापन दिया गया है। अलीगढ़ में हुई घटना के बाद हम पुनः पुलिस अधिकारियों से मिलकर कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग करेंगे।




