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मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री पर रोकथाम हेतु जिला स्तरीय सर्तकता समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में

हाथरस 15 दिसम्बर, 2025 (सूचना विभाग)। मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री पर रोकथाम हेतु जिला स्तरीय सर्तकता समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आमजन को शुद्ध, सुरक्षित एवं मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा मिलावटखोरी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं और इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को नियमित एवं सघन निरीक्षण अभियान चलाने, बाजारों, होटल-ढाबों, मिठाई प्रतिष्ठानों, डेयरी इकाइयों एवं खाद्य निर्माण स्थलों से निरंतर नमूने संग्रहित कर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निरीक्षण के उपरांत निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनजागरूकता पर भी विशेष जोर दिये जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन को शुद्ध खाद्य पदार्थों की पहचान, मिलावट के दुष्प्रभाव एवं शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के संबंध में जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने पुलिस, खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति एवं अन्य सहयोगी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि मिलावटखोरी के विरुद्ध प्रभावी एवं निरंतर कार्यवाही की जा सके।
जिलाधिकारी ने मिलावटी खाद्य पदार्थों विशेषकर दूध एवं दुग्ध उत्पादों, खाद्य मसालों तथा खाद्य तेलों में होने वाली मिलावट पर रोकथाम तथा मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार में संलिप्त व्यवसायियों के विरूद्ध सूचना एकत्र कर उनके विरूद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अन्तर्गत छापेमार कार्यवाही कर नमूना संग्रह व अन्य प्रवर्तन कार्यवाही के साथ ही दंण्डात्मक कार्यवाही करने एवं आवश्यकता पड़ने पर खाद्य लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और अधोमानकता के प्रति जागरूकता बढाये जाने के उद्देश्य से खाद्य कारोबारकर्ताओं और उपभोक्ताओं को खाद्य संरक्षा तथा मिलावट की पहचान के तरीकों की जानकारी एफएसडब्लू वैन व अन्य माध्यमों से दिये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नकली/अधोमानक दवाइयों की बिक्री की रोकथाम हेतु विभिन्न विभागों/संगठनों से अभिसूचना प्राप्त कर प्रवर्तन संबंधी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों का स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
सहायक आयुक्त खाद्य/अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नवम्बर 2025 तक समस्त खाद्य पदार्थों पर कृत प्रवर्तन कार्यवाही के अंतर्गत 1351 अधिष्ठानों का निरीक्षण, 168 स्थानों में छापेमारी कर 411 नमूने संग्रहित किए गए हैं जिसमें से 371 नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिसमें से 172 अधोमानक, 16 असुरक्षित, 2 मिथ्या/छाप नियमों का उल्लंघन तथा 190 नमूने मानकों के अनुरुप नहीं पाए गए हैं। इसी प्रकार खाद्य सुरक्षा कार्यों के अभियोजन के अंतर्गत ए0ओ0 कोर्ट में 165 एवं न्यायिक न्यायालय में 24 वाद दर्ज हैं। ए0ओ0 कोर्ट में 392 तथा न्यायिक न्यायालय में 30 वाद निर्णीत है। ए0ओ0 कोर्ट द्वारा रूपये 10210000 की वसूली तथा न्यायिक न्यायालय में रुपए 984500 का जुर्माना वसूलने के साथ ही 30 को सजा दी गई है।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, मंडी सचिव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, औषधि निरीक्षक आदि उपस्थित रहे।

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