Breaking News
प्रदेश मंत्री बनने के बाद पहली बार  पहुंचे यतेंद्र शर्मा, भव्य स्वागत भारत विकास परिषद ने पारिवारिक मिलन में दिया संस्कार और सामाजिक समरसता का संदेशकुटुंब प्रबोधन, युवा संस्कार, जलविहार और खेल प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन इनरव्हील क्लब ने किया वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेशवसुंधरा पुरम में लगाए 11 पौधे, हरित भविष्य के लिए लिया संरक्षण का संकल्प ध्रुव की तपस्या और नृसिंह अवतार की कथा से भावविभोर हुए श्रद्धालु बूलगढ़ी प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) ने एसपी को सौंपा ज्ञापननिर्दोषों को न्याय और वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग
Black Blue and Neon Pink Modern Tech Electronics and Technology X-Frame Banner
previous arrow
next arrow

जनपद में तहसील स्तरीय अधिकारियों से परेशान बुजुर्ग महिला, 9 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय पर आत्मदाह की दी धमकी

हाथरस। “क्या एक 76 साल की बुजुर्ग महिला को अपनी ही जमीन जोतने के लिए आत्मदाह की चेतावनी देनी पड़ेगी? क्या अफसरशाही की दीवारें इतनी ऊंची हो चुकी हैं कि इंसाफ की आवाज़ उस तक पहुंच ही नहीं पा रही? ये कहानी है प्रेमवती देवी की, जो जनपद के सिकंदराराऊ तहसील क्षेत्र के नगला गोविंद उर्फ नौजरपुर गांव की रहने वाली हैं। प्रेमवती देवी पिछले 5 सालों से लगातार शिकायतें कर रही हैं. उनकी 13.5 बीघा जमीन पर दबंग किस्म के लोग अड़ंगा लगाए हुए हैं और उन्हें जोतने नहीं दे रहे. शिकायत एसडीएम, कानूनगो, तहसीलदार, पुलिस सभी के पास गईं, लेकिन हर जगह उन्हें सिर्फ तारीखें और आश्वासन ही मिले। बुजुर्ग का कहना है हम पांच साल से तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं. अब या तो खेत मिल जाए या फिर हम खुद की जान दे देंगे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने। अब थक-हार कर प्रेमवती देवी ने 9 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठने और आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। उन्होंने बाकायदा लिखित पत्र भी सौंपा है। सवाल ये है कि जब एक बुजुर्ग महिला अपने हक़ के लिए आत्मदाह पर मजबूर हो तो यह प्रशासनिक संवेदनहीनता नहीं तो और क्या है? क्या तहसील प्रशासन अब भी सोता रहेगा? प्रेमवती को न्याय कब मिलेगा? 76 साल की उम्र में क्या इंसाफ की उम्मीद करना गुनाह है? अब देखना होगा कि 9 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रेमवती देवी की आवाज़ इंसाफ बनकर गूंजेगी या एक और सरकारी फाइल बनकर दबा दी जाएगी। प्रशासन को चाहिए कि वह समय रहते कार्रवाई करे, ताकि न कोई आत्मदाह की सोच सके और न इंसाफ से भरोसा उठे.।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *