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चार वीडियो-चार छात्राओं ने उजागर की प्रोफेसर की करतूत, चार्जशीट दाखिल, 27 जून को सुनवाई

हाथरस। महिला आयोग को दिए प्रार्थना पत्र में एक पीड़ित छात्रा ने पीसी बागला कॉलेज के प्रवक्ता रजनीश कुमार पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। उसने यह भी कहा था कि प्रोफेसर ने उसका ही नहीं, बल्कि उसकी सहेलियों का भी यौन शोषण किया और उनका वीडियो बनाकर ब्लैक मेल किया। छात्राओं के यौन शोषण के मामले में घिरे पीसी बागला महाविद्यालय के प्रोफेसर रजनीश कुमार के खिलाफ न्यायालय में दाखिल चार्जशीट सत्र न्यायालय भेज दी गई है। अब इस पर 27 जून को सुनवाई होगी। चार वीडियो और चार पीड़ित छात्राओं के बयानों के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर को आरोपी बनाया है। इस संबंध में एक गुमनाम शिकायत वीडियो और फोटो के साथ राष्ट्रीय महिला आयोग से की गई थी। महिला आयोग ने इसका संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक हाथरस से कार्रवाई करने के लिए कहा, जिस पर 13 मार्च को थाना हाथरस गेट पर उप निरीक्षक सुनील कुमार की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई थी। महिला आयोग को दिए प्रार्थना पत्र में एक पीड़ित छात्रा ने पीसी बागला कॉलेज के प्रवक्ता रजनीश कुमार पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। उसने यह भी कहा था कि प्रोफेसर ने उसका ही नहीं, बल्कि उसकी सहेलियों का भी यौन शोषण किया और उनका वीडियो बनाकर ब्लैक मेल किया। कॉलेज प्रबंधन से भी इसकी शिकायत की गई, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की और फर्जी तरीके से इसे वापस ले लिया। पीड़िता ने अंदेशा जताया था कि कॉलेज प्रबंध तंत्र भी प्रोफेसर के गलत कामों में शामिल है और शिकायत के बाद भी प्रोफेसर को प्रॉक्टर बना रखा है। पत्र के साथ वीडियो की सीडी भी भेजी गई थी। पुलिस ने 19 मार्च को प्रयागराज से प्रोफेसर रजनीश को गिरफ्तार किया था। 20 मार्च को उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया। प्रोफेसर रजनीश इस मामले में अभी तक जिला कारागार अलीगढ़ में निरुद्ध है। आरोप पत्र में पुलिस ने चार वीडियो का हवाला दिया है। साथ ही चार पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं, जिनके आधार पर रजनीश को यौन शोषण और दुष्कर्म का आरोपी बनाया गया है। अब पत्रावली मुकदमे के विचारण के लिए सत्र न्यायालय भेज दी गई है, जिस पर 27 जून को सुनवाई होगी।
बीमार पत्नी को देखने के बहाने बुलाकर किया था दुष्कर्म
इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पीड़िताओं तक पहुंचने की थी। पुलिस के पास केवल वीडियो ही थे। पुलिस जांच को आगे बढ़ाते हुए पीड़िताओं तक पहुंची। एक पीड़िता का कहना है कि प्रोफेसर बीमार पत्नी को देखने के बहाने घर पर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप पत्र के अनुसार एक पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि साल 2022 में उसकी गरीबी का फायदा उठाकर उसके साथ प्रोफेसर ने घिनौना काम किया। प्रोफेसर ने उससे कहा कि मेरी पत्नी अस्वस्थ रहती है, आप थोड़ा समय निकालकर कॉलेज से मेरी पत्नी के पास बैठने के लिए चली जाया करो। वह प्रोफेसर के घर गई तो पीछे-पीछे प्रोफेसर भी पहुंच गया। पीड़िता ने पूछा कि आपकी पत्नी कहा हैं तो उसने बताया कि वह एक छोटा स्कूल चलाती है और बच्चों को पढ़ाने गई होगी। वह वहां से चलने लगी तो उसे दबोचकर दुष्कर्म किया और वीडियो बना ली। एक अन्य पीड़िता ने कहा कि वर्ष 2022 की शुरूआत में वह अपना परीक्षा परिणाम लेने के लिए बागला महाविद्यालय पहुंची तो परीक्षा परिणाम देने से पूर्व सभी विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। वह भूगोल विषय के प्रोफेसर रजनीश के पास प्रमाणपत्र लेने गई तो वह चैंबर में अकेले थे। वहां उसे दबोचकर पहले उसके साथ अश्लील हरकत की, फिर दुष्कर्म किया। दो अन्य पीड़िताओं ने भी लगभग इसी तरह के बयान दिए हैं।

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बीएनएस से आईपीसी की धाराओं में परिवर्तित किया मुकदमा

हाथरस। पुलिस ने इस प्रकरण में बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया था, लेकिन जांच में घटनाक्रम बीएनएस लागू होने से पहले साल 2022 में होना पाया गया। इसके चलते मुकदमे में आईपीसी की धारा 376, 376 सी, 354 ए, और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया।

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