केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय भाषाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्र की पहचान उसकी भाषा से होती है। उन्होंने कहा कि देश को समझने के लिए विदेशी भाषा पर्याप्त नहीं है और समय आ गया है कि भारत अपनी भाषाई विरासत के साथ दुनिया का नेतृत्व करे। उन्होंने भविष्यवाणी की कि जल्द ही अंग्रेज़ी बोलने वालों को शर्म महसूस होगी और देश में ऐसा समाज बनेगा जो अपनी मातृभाषा पर गर्व करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के पंच प्रण का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य में भारतीय भाषाओं की अहम भूमिका होगी। पुस्तक विमोचन के दौरान शाह ने प्रशासनिक प्रशिक्षण मॉडल में सहानुभूति को शामिल करने की वकालत की और ब्रिटिश कालीन व्यवस्था को बदलने की जरूरत बताई।




