हाथरस /सासनी। पैदा होने से लेकर पांच साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें संक्रामक बीमारियों से बचाता है और जटिलताओं को कम करता है। टीकाकरण की खुराक बच्चों को उनके जन्म से लेकर 5 वर्ष की आयु तक दी जाती है। और गर्भवती महिलाओं को भी कुछ विशिष्ट टीके दिए जाते हैं।
बुधवार को यह बातें गांव रूदायन में स्थित दुष्यंत ई-गवर्नेंस इंण्डिया लिमिटेड सीएससी एवं जनसेवा केन्द्र पर किए गये टीकाकरण अभियान के दौरान बीएच डब्लू श्रीमती ममता देवी ने बताई। उन्होंने बताया कि टीकाकरण बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित और प्रभावी है। यह उन्हें बीमारियों से बचाने और स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में मदद करता है। यूनिसेफ के अनुसार, टीकाकरण बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। डब्लू0एच0ओ0 के अनुसार, टीकाकरण को दुनिया भर में बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। टीकारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा एमओआईसी डा. दलवीर सिंह रावत के निर्देशानुसार किया गया। जिसमें आधा दर्जन गर्भवतियों को और करीब दर्जनभर से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया। वहीं चिकित्सा प्रभारी डा. रावत ने बताया कि टीकाकरण को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा टीका लेने से छूट जाते हैं तो उन्हें गंभीर बीमारी से जूझना पड़ सकता है। इसलिए सभी बच्चे को टीका दिलाने में स्वास्थ्य कर्मी अपने अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें। इस दौरान ज्योति, अंजलि, आशा मधु देवी आदि मौजूद थे।
रूदायन में काॅमन सर्विस सेंटर पर किया टीकाकरण




