शहर में पेयजल संकट तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी नागरिकों को सब्जबाग दिखा रहे हैं। शहर के कई मुहल्ले ऐसे है जहां पिछले 20 दिनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। यमुना का जलस्तर घटने से वाटर ट्रीटमेंट से जलापूर्ति प्रभावित हो गई है। 30 से 35 वार्डों में पेयजल की समस्या से लगभग पांच लाख की आबादी प्रभावित है।यमुना में पर्याप्त पानी रहे इसके लिए महापौर गणेश केसरवानी ने उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वत्रंत देव सिंह को पत्र लिखा है। समय रहते अगर यमुना में पर्याप्त पानी नहीं रहेगा तो जलापूर्ति में कटौती की जाएगी। पिछले एक सप्ताह से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जलापूर्ति में एक घंटे कटौती की गई है।




