UP/ Hathras; कार्यक्रम में मंचासीन अतिथि हाथरस। मेला दाऊजी महाराज के मेला पंडाल में समाजोत्थान सेवा संस्थान की ओर से जल संवर्धन एवं पर्यावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि शिक्षा सेवा चयन आयोग उत्तर प्रदेश के सदस्य प्रोफेसर डॉ. आरके दीक्षित ने कहा कि मानव जीवन ही नहीं, समस्त सृष्टि प्रकृति के पांच अवयवों से बनी है, जिनमें जल और वायु जीवन के लिए सबसे आवश्यक हैं। सनातन परंपरा में कलश और कुआं पूजन जैसे संस्कारों के माध्यम से जल के महत्व को पहले ही स्वीकार किया गया था। उन्होंने कहा कि आज जीवनशैली के कारण जल और वायु दोनों प्रदूषित हो रहे हैं। प्रकृति के प्रति अति से गंभीर संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने अपनी और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संवर्धन तथा पर्यावरण शुद्धि के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने का आह्वान किया।मुख्य वक्ता गौ सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने कहा कि जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण की बात हो और गौ व गौ पालन की चर्चा न हो तो विषय अधूरा रह जाता है। मनुष्य का जल संरक्षण करना दायित्व है, वहीं पर्यावरण की शुद्धि में गौ के गोबर और मूत्र का भी उपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान भी गाय और पंचगव्य के महत्व पर शोध कर रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए पशुपालन और वृक्ष संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।आरएसएस पर्यावरण गतिविधि ब्रज प्रांत की प्रांतीय संयोजक शिवेंद्र ने जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण की तकनीकी बारीकियां समझाईं। उन्होंने कहा कि जब तक जल संवर्धन और वृक्षारोपण की पारंपरिक पद्धतियों को फिर से अपनाया नहीं जाएगा, तब तक अपेक्षित सफलता कठिन है। वर्षा जल को एकत्रित करने और लगाए गए पेड़-पौधों की उचित देखभाल पर विशेष ध्यान देना होगा।आरएसएस जिला संघ चालक डॉ. यूएस गौड़ ने जल संवर्धन के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में छोटी-छोटी बातों पर अमल करके भी बड़ी मात्रा में पानी बचाया जा सकता है। जल संरक्षण को व्यवहार का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।सेवा भारती ब्रज प्रदेश हाथरस के जिलाध्यक्ष डॉ. बीपी सिंह ने कर्नाटक यात्रा के दौरान रेलवे स्टेशन पर लोगों द्वारा रेल के शौचालय से पानी भरकर ले जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि गंगा-यमुना के बीच की भूमि में रहने के कारण हम पानी की उपलब्धता को सहज मान लेते हैं। उन्होंने कहा कि पानी की बर्बादी रोकने के लिए हर व्यक्ति को अपने स्तर से प्रयास करना चाहिए, ताकि भविष्य में पानी के लिए ऐसी परिस्थितियां यहां पैदा न हों।दैनिक दीक्षित टाइम्स के संपादक सतेंद्र दीक्षित ने कहा कि भू-लोक पर जीवन को बचाने के लिए जल संचय और वायु की शुद्धि दोनों पर मिलकर काम करना होगा। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में लेने की अपील की।कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला आयोग उत्तर प्रदेश की सदस्य रेनू गौड़ ने की। उन्होंने जल संचयन में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाओं के सहयोग के बिना जल संवर्धन का लक्ष्य हासिल करना कठिन है। उन्होंने महिलाओं से जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. नीरज गोयल, आरसी इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. नीतू यादव, जिला श्रम अधिकारी सतेंद्र मिश्रा, अवर अभियंता दीपक कुमार, सेवानिवृत्त उप कृषि निदेशक हंसराज, भट्टा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मुकेश दीक्षित, वसुंधरा वेलफेयर सोसायटी के सचिव अरुण जैन, वरिष्ठ समाजसेवी अनिल वार्ष्णेय, ऋषि राठी, रामकुमार अग्रवाल, दिनेश माहेश्वरी, वरिष्ठ समाजसेविका राजेश दीक्षित उर्फ बिट्टो सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उनकी सराहना हुई। कार्यक्रम की व्यवस्था में गौरांग कौशिक, शिवांग कौशिक और सुनील शर्मा का विशेष योगदान रहा।
Hathras; जल और वायु के संरक्षण के बिना जीवन की कल्पना नहीं
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