हाथरस। शहर की पहचान घंटाघर की घड़ी का घंटा अब फिर से बजेगा। इसके साथ ही इसकी सुईयों की आवाज भी सुनाई देने लगेगी। सदर विधायक अंजुला माहौर के प्रयासों से स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इस घड़ी को प्रशासन की ओर से दुरुस्त करा दिया गया। शहर के घंटाघर का करीब चार साल पहले जीर्णोद्धार किया गया था। इसमें नगर पालिका की ओर से करीब 88 लाख रुपये खर्च किए गए थे। यहां रात में चमकने वाली आधुनिक घड़ी लगवाई गई थी।राजस्थान व गुजरात के पत्थर लगा कर इसे चमकाया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद यहां की घड़ी खराब हो गई। समय चाहे कोई भी हो यह घड़ी करीब एक बजे का ही समय दर्शाती थी। हर घंटे बजने वाले घंटे की आवाज भी सुनाई नहीं दे रही थी, लेकिन अब यह घड़ी फिर से लोगों को ठीक समय बताएगी। बीते दिन सदर विधायक अंजुला माहौर के अथक प्रयासों से जिला प्रशासन ने इसको सही कराया। जिससे घंटाघर के दुकानदारों में खुशी का माहौल है।
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खास बात
1947 में तत्कालीन चेयरमैन हीरामल वर्मन ने कराया था निर्माण।
06 रास्तों वाला है हाथरस का घंटाघर।
04 किलोमीटर तक दिखाई देती है घंटाघर की झलक।
88 लाख रुपये से हुआ था जीर्णोद्धार।
04 वेदों के प्रतीक कोनों पर किए गए स्थापित।




