Black Blue and Neon Pink Modern Tech Electronics and Technology X-Frame Banner
previous arrow
next arrow

बारात में जा रहे मासूम की दर्दनाक मौत : बस की खिड़की से बाहर झांकते वक्त सिर हुआ कटकर अलग

हाथरस। कोतवाली हाथरस जंक्शन के महौ रोड स्थित रेलवे लाइन पर निर्माणाधीन पुल के निकट बारात की बस में खिड़की के पास बैठे बच्चे का सिर डीसीएम की चपेट में आने से धड़ से अलग हो गया।यह देख बस में सवार बारातियों के होश उड़ गए। बच्चे का पिता सिर को लेकर काफी देर तक छटपटाता रहा। यहां पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। वहीं हादसे के बाद दो दूल्हों को कुछ लोगों के साथ शादी करने के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर परिवार के लोगों की भीड़ लग गई।अलीगढ के तबेला रोड मगदूम नगर निवासी आस मोहम्मद के भाई साबुद्दीन के बेटे साहिल और बाबू के बेटे दानिश की रविवार को शादी थी। बारात हसायन क्षेत्र के गांव मेवली में जानी थी। उस बारात में आस मोहम्मद का 11 साल का बेटा मोहम्मद अली भी जा रहा था। अली बारात की बस खिड़की के पास बैठा हुआ था और पिता आस मोहम्मद बस के साथ चल रही कार में सवार थे। जैसे बस कैलोरा चौराहा से महौ रोड पर चलने लगी तो थोड़ी दूर पर रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन पुल के पास पहुंची। यहां पर पुल निर्माण कार्य के चलते वाहनों के आवागम में काफी दिक्कत हो रही थी। इसी दौरान बारात की बस के बराबर में एक डीसीएम 407 आ गई।डीसीएम की चपेट में आने से बारात की सब में खिड़की के पास बैठे 11 साल के अली का सिर धड़ से अलग हो गया। यह देख बस में बैठे लोगों के होश उड़ गए। इस बात की जानकारी बस के पास कार में मौजूद पिता को हुई तो उसकी हालत खराब हो गई। जमीन पर पड़े बच्चे के सिर को लेकर पिता बिलखने लगा। यहां पर स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई। यहां पर पहुंची पुलिस ने डीसीएम व बस के चालक को हिरासत में ले लिया और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर परिवार के लोगों की भीड़ लग गई।हादसे के बाद शादी वाले घर में मातम छा गया। पोस्टमार्टम हाउस पर मिले परिजनों ने बताया कि बच्चा दूल्हों का चचेरा भाई था। इसलिए हादसे के बाद शादी की खुशियां हवा हो गईं। लेकिन शादी को टाला नहीं जा सकता था, इसलिए चंद लोगों के साथ दोनों दूल्हों को शादी के लिए मेवली भेज दिया गया।बस से नीचे उतरकर बच्चे के चाचा ने सड़क पर पड़ी गर्दन को उठाया। कटे सिर को अपने गमछे से ढका और रोते रहे। हादसे के बाद बच्चे का पिता कभी अपने बेटे के कटे सिर को देखता तो कभी उसके चेहरे पर लगी मिट्टी को साफ करता। वह बदहवास हो गया था। लोग उसे पानी पिलाकर होश में लाते नजर आए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *