हाथरस। स्थानीय कोटा रोड स्थित आशीर्वाद वाटिका कॉलोनी के हालात इन दिनों ‘बद से बदतर’ बने हुए हैं। कॉलोनी की सड़कों पर जमा गंदा पानी स्थानीय निवासियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। स्थिति यह है कि लोगों का अपने घरों से निकलना तक दुश्वार हो गया है, लेकिन संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर से पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं।
समाधान दिवस की शिकायतों का नहीं हुआ असर

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने तहसील समाधान दिवस से लेकर संबंधित नगर निकाय के अधिकारियों तक कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। प्रशासन की इसी अनदेखी के चलते अब जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बीमारियों का बढ़ा खतरा, राहगीर परेशान
सड़कों पर भरा हुआ दूषित पानी न केवल आवागमन में बाधा डाल रहा है, बल्कि भीषण गर्मी के बीच संक्रामक रोगों और मच्छरों के प्रकोप को भी न्योता दे रहा है। जलभराव की वजह से बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना बंद हो गया है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई और सड़कों को दुरुस्त नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

“हम कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अधिकारी हमारी सुध लेने को तैयार नहीं हैं। क्या प्रशासन किसी बड़ी बीमारी या महामारी के फैलने का इंतजार कर रहा है?”
— एक व्यथित स्थानीय निवासीमुख्य बिंदु:
- कोटा रोड आशीर्वाद वाटिका में जलभराव की समस्या गंभीर।
- गंदे पानी के बीच से निकलने को मजबूर हैं स्कूली बच्चे और महिलाएं।
- जलभराव से इलाके में बढ़ रहा है मलेरिया और डेंगू का खतरा।






