साइबर स्लेवरी कराने वाले गैंग का फण्डाफोड करते हुये अन्तर्राष्ट्रीय गैंग के दो सदस्य संजय व सचिन राणा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था
हाथरस। 18.11.2025 को वादिया द्वारा सूचना दी कि वादिया व उसके एक साथी हरीश निवासीगण जनपद द्वारा वर्ष 2024 में इमानूल अरसर इन्जीनियरिंग कॉलेज चेन्नई, तमिलनाडु मे G.P. रेटिंग कोर्स मे एडमिसन लिया था , कोर्स पूरा होने के बाद वे दोनो मर्चेन्ट नेवी में नौकरी की तलाश करने लगे । उनको एक विज्ञापन के माध्यम से संजय राणा के बारे में जानकारी हुई जिसने अपने आप को MERLION मैनेजमेन्ट एण्ड एजुकेशन सेंटर का डायरेक्टर बताया और इन लोगो से करीब ऑनलाइन 6लाख रुपये मर्चेन्ट नेवी में नौकरी लगवाने के नाम पर ले लिये , जब वादिया मुकदमा व उसके साथी हरीश द्वारा नौकरी लगवाने के सम्बन्ध में संजय राणा पर दबाव डाला गया तो संजय राणा ने अपने थाईलैण्ड में गये साइबर अपराधी सचिन राणा के सहयोग से इन दोनो को थाईलैण्ड भेज दिया । थाईलैण्ड में पहुँचते ही इन दोनो को एय़रपोर्ट पर लेने के बाद से भिन्न – भिन्न स्थानो पर भिन्न – भिन्न वाहनो से ले जाते हुये अपने थाईलैण्ड स्थित सहयोगी सचिन राणा जो साइबर अपराध में लिप्त था, के मदद से इन दोनो को नदी के रास्ते से थाईलैण्ड का बॉर्डर क्रास कराकर म्यांमार की सीमा में प्रवेश करा दिया व वहाँ के साइबर अपराधियों को बेंच दिया , जिन लोगो ने वादिया मुकदमा व उसके साथी हरीश को के पासपोर्ट कब्जे में लेकर व प्रताडित कर व डराधमका कर साइबर फ्राड के लिये ट्रेनिंग कराना शुरु कर दिया । इन लोगो को भूखे प्यासे बहुत ही बुरी स्थिति में रखा जाता था तथा मनमाने तरीके से 18-18 घण्टे तक काम लिया जाता था व फौजी वर्दी में उनके गुण्डों द्वारा डराया धमकाया जाता था । इस तरह के अन्य बेवश लोग और भी वहाँ थे, जिनसे साइबर स्लेवरी का कार्य लिया जाता था । एक दिन उनमें से एक ने भारतीय दूतावास में इसकी शिकायत करायी, एक रेश्क्यू ऑपरेशन के तहत इन लोगो को वहाँ से निकाल कर किसी तरह थाईलैण्ड लाया गया औऱ वहाँ कुछ दिन सेन्टर में रखने के बाद भारतीय वायु सेना के विमान द्वारा इन लोगो को अन्य भारतीयों के साथ भारत वापस लाया गया । घर आकर वादिया के साथी हरीश द्वारा आरोपी संजय कुमार राणा से फोन करके पैसे वापस मांगने व अपने साथ हुए फ्राड के संबन्ध में बात की तो आरोपी संजय उपरोक्त द्वारा धमकी देते पैसे वापस न देने की बात कहीं । प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना साइबर क्राइम हाथरस पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया । पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा उक्त घटना के अनावरण हेतु अपर पुलिस के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी साइबर के नेतृत्व में प्रभारी साइबर थाना को निर्देशित किया गया । जिसके क्रम में थाना साइबर क्राइम हाथरस पुलिस द्वारा ग्राउंड इंटेलिजेन्स, मैनुअल इनपुट एवं मुखबिर की सूचना आदि से प्राप्त लाभप्रद साक्ष्य संकलन के आधार पर कार्यवाही करते हुए उक्त घटना का सफल अनावरण करते हुये 20.11.2025 व 30.11.2025 को रुपये लेकर विदेशों में मर्चेन्ट नेवी की नौकरी लगवाने के नाम पर थाईलैण्ड भेजने वाले एक अभियुक्त संजय कुमार राणा पुत्र गौरखी राम निवासी जगनौली थाना फतेहपुर जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश व सचिन राणा पुत्र कुलदीप सिह निवासी गाँव हारसी तहसील जयसिंहपुर थाना लम्बा गाँव जिला कांगडा हिमाचल प्रदेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है ।आमजन को फसाकर अवैध तरीके से सीमा कर म्यामांर में साइबर स्लेवरी कराने वाले गैंग में शामिल अन्य सदस्यो की गिरफ्तारी हेतु साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा लगातार सार्थक प्रयास किये जा रहे थे, जिसके क्रम में साइबर क्राइम पुलिस टीम के अथक प्रयासोपरान्त विदेशों में नौकरी लगवाने के नाम पर थाईलैण्ड से नदी रास्ते अवैध तरीके से सीमा पार कर म्यांमार में साइबर अपराध करने के लिये मजबूर करने वाले अभियुक्त प्रमोद कुमार यादव को सेक्टर 20 थाना उल्वे नवी मुम्बई से गिरफ्तार किया गया है । जिसका पूरा नाम पता प्रमोद कुमार यादव पुत्र बुद्धु यादव निवासी रूम नं0 202, बेलापुर गांव, चिन्तामणी बिल्डिंग के पास नवी मुम्बई, थाणे महाराष्ट्र है। अभियुक्त की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में थाना साइबर क्राइम हाथरस पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है । गिरफ्तार अभियुक्त प्रमोद कुमार यादव द्वारा पूछताछ पर बताया कि मैने ही समीर अली व को नौकरी लगाने के लिये थाईलैण्ड भेजा था । जिसके एवज में उन्होने करीब 2,35,000/- रुपये मुझे ऑनलाइन मेरे बैंक के खाते में डाले थे । उसके बाद समीर व सगीर को दिनांक 31.07.2025 को थाईलैण्ड भेज दिया था जहाँ पर उन्हे बार्डर क्रास कराकर साइबर स्लेवरी करवायी गई थी । मुझे पुलिस पकड न सके इसके लिये मैने अपने आधार कार्ड पर गलत कागज लगाकर फर्जी एड्रेस लगवा लिया था व छुपकर जगह बदलकर- बदलकर निवास करता था । गिरफ्तार अभियुक्त प्रमोद कुमार यादव उपरोक्त से विस्तृत पूछताछ करते हुये आपराधिक इतिहास की जानकारी करते हुए अग्रेत्तर विधिक कार्यवाही की जा रही है । गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के नाम निरीक्षक आशीष कुमार सिंह साइबर क्राइम थाना हाथरस जनपद हाथरस है।




