लोगों ने कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश
सासनी में पछुआ हवाओं और गिरते तापमान के कारण सासनी क्षेत्र में ठंड का प्रकोप चरम पर पहुँच गया है। पिछले दो दिनों से कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। स्थिति यह है कि लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भारी ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं।
रविवार को कस्बे के प्रमुख चौराहों, जैसे बस स्टैंड, तहसील परिसर और बाजार के मुख्य मार्गों पर लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते दिखे। दुकानदारों और राहगीरों ने कूड़ा-करकट और सूखी लकड़ियाँ इकट्ठा कर आग जलाई और खुद को गर्म रखने का प्रयास किया। ग्रामीण इलाकों में भी पशुओं और स्वयं को ठंड से बचाने के लिए अलाव ही एकमात्र विकल्प साबित हो रहे हैं।
ठंड के साथ-साथ सुबह और शाम के समय छा रहे घने कोहरे की वजह से सड़कों पर आवागमन की काफी कमी रही। आगरा-अलीगढ़ नेशनल हाईवे पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। वहीं, शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया। ठंड के कारण गर्म कपड़ों, मूंगफली और गजक की दुकानों पर तो भीड़ दिखी, लेकिन अन्य व्यापारिक गतिविधियाँ सुस्त रहीं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, ऐसे में नगर पंचायत और प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए ताकि बेसहारा और राहगीरों को राहत मिल सके।




