पुलिस अधीक्षक हाथरस द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन हाथरस के माधव प्रेक्षा गृह में ऑपरेशन जागृति 5.0 के अन्तर्गत जिला स्तरीय उन्मखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया ।
आगरा जोन के प्रत्येक जनपद में आपॅरेशन जागृति (फेज-5) 14 दिसंबर 2025 से 23 दिसंबर 2025 तक चलाया जायेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य नाबालिग लड़कियों व लड़कों के मध्य प्रेम सम्बन्धों में घर से भागने के कारण दूरगामी व दीर्घकालिक दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करना है ।
श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक, आगरा जोन, आगरा श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ के मार्गदर्शन में ऑपरेशन जागृति अभियान के 04 फेस सकुशल सम्पन्न कराये जा चुके है। उनके व्यापक प्रभाव व उपलब्धियों के परिणाम स्वरूप महिलाओं व बालिकाओं के प्रति अपराधों में कमी आयी है । जिसके क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक महोदया द्वारा दिनांक 14 दिसंबर 2025 से 23 दिसंबर 2025 तक अभियान ‘ऑपरेशन जागृति’ का फेस-5.0 चलाया जायेगा । ऑपरेशन जागृति फेस 5.0 का प्रमुख विषय नाबालिग लड़कियों व लड़कों के मध्य प्रेम सम्बन्धों के चलते घर भागने का निर्णय है, जिसके दूरगामी व दीर्घकालिक दुष्प्रभाव देखने को मिलते है ।
आज दिनांक 13.12.2025 को पुलिस अधीक्षक हाथरस द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन हाथरस स्थित माधव प्रेक्षा ग्रह में ऑपरेशन जागृति-5.0 के अन्तर्गत जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के दौरान मुख्य अतिथि श्री प्रदीप नारायन (मुख्य विकास अधिकारी, हाथरस), अपर पुलिस अधीक्षक श्री रामानन्द कुशवाहा, खण्ड विकास अधिकारी श्री प्रेमनाथ यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी श्रीमती सीमा मौर्य, क्षेत्राधिकारी यातायात श्री हिमांशू माथुर, क्षेत्राधिकारी लाईन श्री श्यामवीर सिंह एवं यूनीसेफ के पदाधिकारी श्री दिनेश कुमार, श्री महत्री अग्निहोत्री आदि पुलिस/राजस्व के अधिकारी/कर्मचारी सम्मलित रहे । कार्यशाला के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा ऑपरेशन जागृति 5.0 के लक्ष्यों, उद्देश्यों एवं जन-सहभागिता की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए समस्त उपस्थित अधिकारियों और प्रतिभागियों को अभियान को अधिक प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त यूनिसेफ के पदाधिकारियों ने भी सहभागिता करते हुए विषय से संबंधित तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवावस्था में प्रेम-प्रसंगों, आकर्षण या भ्रमवश घर छोड़कर चले जाने की घटनाओं की रोकथाम, उनके प्रभावों की समझ, तथा जन-जागरूकता को प्रभावी रूप से बढ़ाना रहा। प्रतिभागियों को परिवार, समाज एवं विद्यालय स्तर पर समय से हस्तक्षेप तथा परामर्श की महत्ता के बारे में कार्यशाला के दौरान विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। साथ ही कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को जागरूकता गतिविधियों को अधिक से अधिक जनसमूह तक पहुँचाने के संकल्प के साथ हुआ।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई-
- घर से चले जाने वाले किशोर / किशोरियों के मनोवैज्ञानिक पहलू ।
- परिवार एवं समुदाय आधारित रोकथाम उपाय ।
- स्कूल स्तर पर काउंसलिंग व जागरूकता कार्यक्रमों का महत्व ।
- ऑपरेशन जागृति 5.0 के तहत पुलिस की कार्यवाही, रिपोर्टिंग और रेस्क्यू प्रोटोकॉल |
- साइबर बुलिंग / ब्लैकमेल से प्रभावित होकर घर छोड़ने जैसे कदम उठा लेना ।
- मिशन शक्ति के साथ समन्वित प्रयासों की रूपरेखा ।
अभियान का मुख्य लक्ष्य-
किशोरों और किशोरियों को जागरूक करना कि अनैतिक या अनुचित संबंधों के कारण घर से भागने और भागकर रहने जैसे कृत्यों से जीवन पर होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी देना।
युवाओं और परिवारों के बीच संवाद बढ़ाना, ताकि गलतफहमियाँ और जोखिम भरे फैसले न लिए जाएँ।
विद्यालयों, कॉलेजों तथा ग्रामीण/शहरी समुदायों में चर्चा सत्र आयोजित करना जहाँ पुलिस, अभिभावक और शिक्षक मिलकर सुरक्षा, सहमति, सुरक्षित/असुरक्षित व्यवहार जैसे मुद्दों पर बात करेंगे।
🎯 उद्देश्य- इस अभियान का मूल उद्देश्य कानून और व्यवस्था बनाए रखना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक व्यवहार और सुरक्षित विकल्पों के प्रति जागरूकता फैलाना है, जिससे युवा गलत निर्णय लेने से पहले उसके नकारात्मक परिणामों को समझें।




