सवाल ये है — कितनी और जानें जाने के बाद प्रशासन जागेगा? कौन लगाएगा लगाम इन मौत बन चुके रोड के दैत्य डंपरों पर ?
हाथरस। बीती रात जनपद के सिकन्दराराऊ क्षेत्र में तेज रफ्तार डम्परों ने एक बार फिर खून बहा दिया। सड़क हादसे में इकबालपुर निवासी सतेंद्र की मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। लेकिन शुक्रवार को परिजनों व ग्रामीणों में आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने ग्रिल कंपनी के डंपर पर टक्कर मारने का आरोप लगाते हुए रोड पर जाम लगा दिया।
सूचना पर पहुंची इलाका पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आक्रोशित भीड़ को समझा- बुझाकर जाम खुलवाया। लेकिन इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसों के लिए जिम्मेदार डंपरों पर कार्रवाई क्यों नहीं? प्रशासन मौन क्यों है?
घटना के दौरान कवरेज करने मौके पर जा रहे दो मीडिया कर्मियों को भी एक मिट्टी ढो रहे डंपर ने टक्कर मार दी, जिसमें वे बाल-बाल बच गए। लेकिन जब इसकी शिकायत उन्होंने मौके पर मौजूद जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों से की तो कथित तौर पर जवाब मिला डंपर तुम्हारे ऊपर चढ़ा तो नहीं था। यह बयान न सिर्फ चौंकाने वाला है बल्कि सुरक्षा मानकों और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनपद में चल रहे और यहाँ से गुजरने वाले ज्यादातर डंपरों पर न आगे नंबर प्लेट होती है और न पीछे.स्पीड इतनी अधिक रहती है कि आम राहगीर खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं. जिले में पहले भी ऐसे डंपरों से कांवड़ियों सहित बहुत लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई नाम मात्र की होती है।




