
हाथरस। सदर तहसील कार्यालय में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर एक विधवा महिला कुसुम ने अपनी समस्याओं का समाधान करने के लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष न्याय की गुहार लगाई। स्वर्गीय तेजसिंह की पत्नी कुसुम, जो रेलवे कॉलोनी की निवासी हैं, ने अपनी जमा-पूंजी से मौजा नगला दना में 1.279 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी थी। कुसुम ने बताया कि उनके पति की अंतिम इच्छा के अनुसार उन्होंने यह भूमि खरीदी थी, लेकिन इस संबंध में उन्होंने जब प्रार्थना पत्र दिए, तो संबंधित अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए। एसडीएम ने भी सभी पक्षों को बुलाकर मामले की सुनवाई की, लेकिन दूसरा पक्ष जवाबदेही से भाग गया। 8 अगस्त 2025 को नायाव तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर उनकी भूमि को कब्जा मुक्त कराकर उसकी नाप भी कराई। हालांकि, जब कुसुम ने अपनी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू किया, तो कुछ दबंगों ने उन पर हमले किए और जान से मारने की धमकी दी। इस हमले में कुसुम के बेटे और बेटी को गंभीर चोटें आईं, जिसमें उनकी बेटी का इलाज सरस्वती प्राइवेट हॉस्पिटल में जारी है। कुसुम ने इस घटना के बाद थाना चंदपा में शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन उनकी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने अपील की कि प्रशासन थाना चंदपा पुलिस को आदेश दें कि वे मौके पर तैनात रहें, ताकि वे बिना किसी डर के अपनी जमीन पर निर्माण कार्य पूरा कर सकें। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लिया और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों एवं थाना चंदपा पुलिस को आवश्यक निस्तारण करने के आदेश दिए। अब देखना यह है कि क्या कुसुम को उनकी ज़मीन पर न्याय और सुरक्षा मिलेगी। कुसुम की स्थिति ने यह साबित कर दिया है कि आवश्यकता है कि प्रशासन को इनका सुरक्षित समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।




