हाथरस। 10 मई दिन (शनिवार) को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, प्रभारी जनपद न्यायाधीश, महेन्द्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला बार ऐसोसियेशन के अधिवक्तागण, बैंक अधिकारी/कर्मचारी, वादकारीगण, कर्मचारीगण एवं पत्रकार बन्धु उपस्थित रहे। वर्तमान वर्ष की इस द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 64099 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 9 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद का निस्तारण कर 5950200/-रूपये प्रतिकर के रूप में दिलाये गये, 52 सिविल वादों, 34 पारिवारिक वाद, 136 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर 168000/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये, 09 धारा 138 एनआई एक्ट के वाद, 29572 राजस्व वाद, 07 वाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग एवं 8484 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर मु0 419770/-रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। इसके अतिरिक्त प्रिलिटीगेेशन स्तर पर बैंक व विद्युत के कुल 25793 मामलों का निस्तारण कर मु0 33809500/-रु0 में समझौता दाखिल किया गया व 03 वादों का निस्तारण स्थायी लोक अदालत, के माध्यम से किया गया। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय रविन्द्र कुमार-चतुर्थ, के न्यायालय से कुल 34 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। जिनमें 12 जोडे़ साथ-साथ राजी खुशी से अपने घर गये। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, सुधीर कुमार के न्यायालय से 09 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों का निस्तारण कर 5950200/रू0 प्रतिकर के रूप में दिलाये गये।
अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत हाथरस राजेश कुमार, के न्यायालय से 03 वादों का निस्तारण किया गया।
अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, हाथरस राकेश कुमार-चतुर्थ, के न्यायालय से 07 वादों का निस्तारण कर 623322/रूपये दिलाये गये।
अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-1, महेन्द्र श्रीवास्तव के न्यायालय से 01 सिविल वाद एवं 03 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 1500/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
विशेष न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी. अधि.) रामप्रताप सिंह के न्यायालय से 02 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 500/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-4, संगीता शर्मा के न्यायालय से 05 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 2000/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
विशेष न्यायाधीश, पोक्सो अधिनियम कोर्ट सं0-01, हाथरस चित्रा शर्मा, उपस्थित रही।
अपर जनपद न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-3 हाथरस हर्ष अग्रवाल, के न्यायालय से 01 सिविल वाद व 04 फौजदारी वाद का निस्तारण कर 2000/रूपये अर्थदण्ड एवं 136 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर 168000/रूपये अर्थदण्ड के रूप मंे वसूल किये गये।
अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-5, विजय कुमार के न्यायालय से 01 फौजदारी वाद का निस्तारण किया गया।
अपर जनपद न्यायाधीश, (रेप एवं पोक्सो) कोर्ट सं0-02, हाथरस निर्भय नारायण राय, उपस्थित रहे।
अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-6, शैलेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।
अपर जनपद न्यायाधीश, एफटीसी, कोर्ट संख्या-2 हाथरस, महेन्द्र रावत, के न्यायालय से 04 सिविल वादों एवं 02 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 1000/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस, संजीव कुमार त्रिपाठी, के न्यायालय से 3150 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 292090/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
सिविल जज (वप्र), हाथरस, जयहिन्द कुमार सिंह, के न्यायालय से 22 सिविल वादों का निस्तारण किया गया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस, आकांक्षा गर्ग के न्यायालय से 02 वाद धारा-138 एन.आई. एक्ट एवं 2026 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर मु0 22080/-रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
अपर सिविल जज (वप्र), हाथरस, दीपकनाथ सरस्वती, के न्यायालय से 01 सिविल वाद व 02 वाद धारा-138 एन.आई. एक्ट व 701 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 18840/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
सिविल जज (वप्र),एफ.टी.सी, हाथरस, अनु चैधरी, के न्यायालय से 497 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 7900/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
सिविल जज (कप्र), हाथरस, श्रुति त्रिपाठी, के न्यायालय से 15 सिविल वादों का निस्तारण किया गया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस, पूनम कुमारी चैहान के न्यायालय से 194 लघुआपराधिक वादों का निस्तारण कर 3800/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
अपर सिविल जज(कप्र) कोर्ट संख्या-5, हाथरस, हर्षिका रस्तोगी, के न्यायालय से 01 वाद धारा-138 एन.आई. एक्ट एवं 164 लघुआपराधिक वादों का निस्तारण कर 6000/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
सिविल जज(कप्र),एफटीसी, कोर्ट संख्या-2, हाथरस, खुशबू चन्द्रा, के न्यायालय से 201 लघुआपराधिक वादों का निस्तारण कर 5440/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
सिविल जज(कप्र)/एफ.टी.सी., कोर्ट संख्या-1, हाथरस, शिव कुमार यादव, के न्यायालय से 04 वाद धारा 138 एनआई एक्ट एवं 247 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 3500/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सादाबाद, आशीष थिरानियाॅ, के न्यायालय से 01 सिविल वाद एवं 405 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर मु0 12900/-रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
सिविल जज (कप्र)/न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिकन्द्राराऊ, दीपा सैनी, के न्यायालय से 03 सिविल वादों एवं 717 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 7720/रु0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
न्यायिक मजिस्ट्रेट, सादाबाद, आॅचल चन्देल के न्यायालय से 04 सिविल वादों एवं 165 लघुआपराधिक वादों का निस्तारण कर 32500/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये।
उपजिलाधिकारी, हाथरस के न्यायालय से 2043 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया।
उपजिलाधिकारी, सादाबाद के न्यायालय से 470 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया।
उपजिलाधिकारी, सिकन्द्राराऊ के न्यायालय से 1179 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया।
उपजिलाधिकारी, सासनी के न्यायालय से 1203 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया।
तहसीलदार, हाथरस के न्यायालय से 5501 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया।
तहसीलदार, सासनी के न्यायालय से 3622 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया।
तहसीलदार, सादाबाद के न्यायालय से 2916 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया।
तहसीलदार, सि0राऊ, के न्यायालय से 4085 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया।
जिला पंचायत राज अधिकारी, हाथरस के कार्यालय से 1728 मामलों का निस्तारण किया गया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी, हाथरस के कार्यालय से 2421 मामलों का निस्तारण किया गया।
जिला पूर्ति अधिकारी के यहाॅ से 1693 मामलों का निस्तारण किया गया।
नगर निकाय हाथरस के यहाॅ से 553 मामलों का निस्तारण किया गया।
उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी, हाथरस के यहाॅ से 2158 मामलों का निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त प्रिलिटीगेशन स्तर पर बैंकों के ऋण सम्बन्धी 404 मामलों का निस्तारण कर 33809500/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये एवं 19240 अन्य बैंक मामलों का निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त विद्युत विभागों के प्रिलिटीगेशन स्तर के 6149 मामलों का निस्तारण किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत के अन्त में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस के अपर जनपद न्यायाधीश, सचिव, प्रशान्त कुमार द्वारा सभी उपस्थित महानुभावों का आभार व्यक्त किया गया।




